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CBSE ने 2026-27 सत्र के लिए जारी किया नया पाठ्यक्रम, कक्षा 9 से 12 तक सिलेबस में बड़े बदलाव

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नई दिल्ली, 3 अप्रैल। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा नौ से 12 तक का नया पाठ्यक्रम जारी कर दिया है। बोर्ड की ओर से जारी सर्कुलर के अनुसार यह नया सिलेबस देश की नई शिक्षा दिशा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसमें छात्रों के समग्र विकास, कौशल आधारित शिक्षा और आधुनिक जरूरतों के अनुरूप सीखने पर विशेष जोर दिया गया है।

1 अप्रैल से लागू हुआ नया सिलेबस

सीबीएसई ने एक अप्रैल, 2026 को कक्षा 11 और 12 के लिए पाठ्यक्रम जारी किया जबकि कक्षा 9 और 10 के लिए दो अप्रैल को वेबिनार के माध्यम से जानकारी साझा की गई। यह वेबिनार द्वारका स्थित सीबीएसई के एकीकृत कार्यालय परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के स्कूलों के प्राचार्य, शिक्षक और शिक्षा विशेषज्ञों ने भाग लिया। वेबिनार के जरिए स्कूलों को नए पाठ्यक्रम की संरचना और उसके बदलाव के बारे में जानकारी दी गई।

एनसीएफ-2023 और एनईपी-2020 के अनुरूप बदलाव

नया पाठ्यक्रम नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन (एनसीएफ-2023) और नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (एनईपी-2020) की सिफारिशों पर आधारित है। इसके तहत शिक्षा प्रणाली को अधिक लचीला, व्यावहारिक और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में बदलाव किए गए हैं। अब पढ़ाई में रटने के बजाय समझ, विश्लेषण और प्रयोगात्मक ज्ञान पर ज्यादा जोर दिया जाएगा। छात्रों को विभिन्न विषयों के बीच संबंध समझने और मल्टीडिसिप्लिनरी दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

कम कंटेंट, ज्यादा समझ पर जोर

सीबीएसई ने नए पाठ्यक्रम को इस तरह डिजाइन किया है कि छात्रों पर पढ़ाई का बोझ कम हो, लेकिन उनकी अवधारणात्मक समझ मजबूत हो। सिलेबस में कंटेंट को सीमित करते हुए उसे अधिक प्रभावी और उपयोगी बनाया गया है। इसमें क्रिटिकल थिंकिंग, समस्या समाधान क्षमता और एप्लीकेशन आधारित लर्निंग को प्राथमिकता दी गई है। इससे छात्र केवल परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए भी तैयार हो सकेंगे।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्किल आधारित शिक्षा को बढ़ावा

नए पाठ्यक्रम में आधुनिक विषयों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटेशनल थिंकिंग और डिजिटल स्किल्स को भी शामिल किया गया है। साथ ही फाउंडेशनल लिटरेसी और न्यूमेरेसी पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। यह बदलाव छात्रों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने और उन्हें भविष्य के करियर के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

स्कूलों को दिए गए अहम निर्देश

सीबीएसई ने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे नए पाठ्यक्रम को तुरंत डाउनलोड कर शिक्षकों और छात्रों के साथ साझा करें। स्कूलों को यह भी कहा गया है कि वह पाठ्यक्रम के अनुसार अपनी शिक्षण व्यवस्था में जरूरी बदलाव करें और दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। इसके अलावा, स्कूलों को अभिभावक-शिक्षक बैठकों (पीटीएम) का आयोजन कर अभिभावकों और छात्रों को नए बदलावों की जानकारी देने के लिए भी कहा गया है ताकि सत्र की शुरुआत से ही लागू हो सके।

देशभर से करीब 85,000 प्राचार्यों, शिक्षकों और शिक्षाविदों की भागीदारी

सीबीएसई की ओर से आयोजित वेबिनार में देशभर से करीब 85,000 प्राचार्यों, शिक्षकों और शिक्षाविदों ने भाग लिया। इस दौरान पाठ्यक्रम डिजाइन, नई शिक्षण पद्धतियों और मूल्यांकन प्रणाली पर विस्तार से चर्चा की गई। स्कूलों को इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट आधारित मूल्यांकन और निरंतर मूल्यांकन प्रणाली को अपनाने के लिए भी मार्गदर्शन दिया गया।

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