नई दिल्ली, 16 मार्च। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं मंगलवार (17 फरवरी) से शुरू हो रही हैं। पहले दिन 10वीं कक्षा के छात्रों का गणित (स्टैंडर्ड और बेसिक) का पेपर होगा जबकि 12वीं के विद्यार्थियों की बायो-टेक्नोलॉजी और एंटरप्रेन्योरशिप की परीक्षा होगी। दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं पूर्वाह्न 10.30 बजे से शुरू होंगी।
समय से पहले केंद्र पहुंचने की सलाह
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को पूर्वाह्न 10 बजे तक परीक्षा केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य है। 10 बजे के बाद प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। इसलिए विद्यार्थियों को कम से कम आधा घंटा पहले केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है। साथ ही स्कूलों से कहा गया है कि प्रश्नपत्र से जुड़ा कोई मुद्दा हो तो उसी दिन बोर्ड से संपर्क किया जाए।
एडमिट कार्ड अनिवार्य, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर प्रतिबंध
सीबीएसई द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, परीक्षा कक्ष में एडमिट कार्ड की हार्ड कॉपी ले जाना अनिवार्य है। इसके बिना प्रवेश नहीं मिलेगा। छात्र स्कूल आईडी, नीले रंग का पेन, पेंसिल, स्केल, रबर और पारदर्शी पानी की बोतल ले जा सकते हैं। मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ, ईयरफोन, कैमरा या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। बैग, पर्स, किताब या किसी भी प्रकार की लिखित सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
ट्रैफिक व मौसम को ध्यान में रखकर बनाएं योजना
परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने बताया कि परीक्षा अवधि के दौरान कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम होने वाले हैं, जिससे ट्रैफिक जाम या रूट डायवर्जन की संभावना है। छात्रों को समय से पहले घर से निकलने और स्थानीय ट्रैफिक व मौसम की स्थिति को ध्यान में रखने की सलाह दी गई है।
स्कूलों के लिए विशेष दिशा-निर्देश
बोर्ड ने संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि प्रश्नपत्र से जुड़ी आपत्तियां निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही भेजी जाएं। सभी टिप्पणियां केवल ओईसीएमएस पोर्टल पर अपलोड की जाएं और जरूरत होने पर निर्धारित ईमेल आईडी पर ही विवरण भेजा जाए। जिस दिन परीक्षा हो, उसी दिन आपत्ति दर्ज करना अनिवार्य होगा। देर से, अस्पष्ट या निर्देशों के अनुरूप न होने वाली शिकायतों पर कोई काररवाई नहीं की जाएगी।
प्रक्रिया में सुधार पर जोर
बोर्ड के अनुसार, कुछ स्कूलों द्वारा गलत ईमेल आईडी पर टिप्पणियां भेजने, देरी से आपत्ति दर्ज करने और अस्पष्ट शिकायतें भेजने के मामले सामने आए हैं। ऐसे में प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। बोर्ड ने सभी स्कूल प्रमुखों से सहयोग की अपील की है, ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।

