भोपाल, 28 मई। भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत प्रकरण में उनकी सास व रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने गुरुवार को घंटों की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया।
हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत रद हो जाने के बाद सीबीआई टीम आज गिरिबाला सिंह के आवास पर पहुंची और उनके कई घंटे तक पूछताछ के बाद शाम को उनकी गिरफ्तारी की गई। पूरे आवास की थ्री डी मैपिंग भी कराई गई, जिसके लिए बाकायदा थ्री डी कैमरा घर पर इंस्टाल किया गया था।
सीबीआई टीम के पहुंचने के कुछ देर बाद ही गिरिबाला सिंह के वकील रहे इनोश जॉर्ज कार्लो भी बंगले पर पहुंचे। मीडिया ने उनसे बातचीत की कोशिश की। लेकिन इनोश ने मुंह नहीं खोला और सीधे बंगले के भीतर चले गए।
हाई कोर्ट ने गिरिबाला की जमानत तीन बिंदुओं पर रद की है। इनमें पहला आरोपित सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ ने गर्भपात के लिए दबाव बनाया था। दूसरा महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि शादी के बाद जब ट्विशा विदेश गई, तब सास और पति ने पैसे दिए। इससे यह नहीं माना जा सकता कि दहेज के लिए मांग नहीं की गई। तीसरा बिंदु यह है कि घटना के बाद सास गिरिबाला सिंह ने पुलिस जांच में सहयोग नहीं किया, जो जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है।
गिरिबाला सिंह के घर की हो रही थ्री डी मैपिंग
गिरिबाला सिंह के घर पर पहुंची सीबीआई ने पूरे घर की थ्री डी मैपिंग की। घर में थ्री डी कैमरा इंस्टाल किए गए थे, जिससे घटना के दिन का पूरा ब्यौरा और बेहतर ढंग से मिल सके। थ्री डी मैपिंग के जरिए घटनास्थल का थ्री डी मॉडल तैयार किया गया, जिससे जांच में और मदद मिल सके। साथ ही अपराध का जो स्थल है, वहां हर एक चीज की जांच के साथ घटना का ब्यौरा और बेहतर ढंग से मालूम हो सके.
महाअधिवक्ता प्रशांत सिंह ने इस बाबत कहा कि ‘कोर्ट में कहा गया था कि एफआईआर के पूर्व ही अग्रिम जमानत पेश कर दी गई। एफआईआर विवेचना का द्वार खोलती है। एफआईआर हुई है, उसके बाद विवेचना आरंभ हुई। विवेचना जब आरंभ होती है, तभी सारे साक्ष्यों का संकलन होता है। तो साक्ष्य पूरे संकलित नहीं हो पाए और अग्रिम जमानत हो गई। चूंकि सीबीआई अब इन्वेस्टिंग टीम है तो सारे विषयों पर सुक्षमता से विचार करेंगे।’

