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पीएम मोदी पर अभद्र टिप्पणी करने वाले सपा सांसद अजेंद्र लोधी के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज

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महोबा, 12 मई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अभद्र टिप्पणी के मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद अजेंद्र सिंह लोधी के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है और महोबा नगर कोतवाली में केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस टिप्पणी को ‘अक्षम्य’ करार दिया है।

भाजपा जिला मीडिया प्रभारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज

भाजपा जिला मीडिया प्रभारी सत्येंद्र प्रताप गुप्त की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर महोबा नगर कोतवाली में मंगलवार तड़के 2.05 बजे केस दर्ज किया गया। रिपोर्ट संख्या 0213 में BNS की धारा 132, 189 (2), 352 और 196 (1) के तहत मुकदमा कायम किया गया है। प्राथमिकी में घटना का समय 11 मई को दोपहर 12 बजे से एक बजे के बीच का बताया गया है।

कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के दौरान सांसद ने की आपत्तिजनक टिप्पणी

भाजपा नेता सत्येंद्र ने तहरीर में आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता बिजली विभाग से जुड़े मुद्दों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे थे। इस दौरान सांसद अजेंद्र सिंह लोधी और उनके समर्थकों ने कलेक्ट्रेट गेट के सामने नारेबाजी और प्रदर्शन किया। इससे यातायात बाधित हुआ और आम लोगों व सरकारी कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

तहरीर में कहा गया है कि करीब एक घंटे तक परिसर का माहौल प्रभावित रहा। इसी दौरान सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी की। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सांसद द्वारा प्रधानमंत्री को देश विरोधी कहे जाने से लोगों की भावनाएं आहत हुईं और सार्वजनिक माहौल खराब हुआ।

सांसद अजेंद्र ने भाजपा नेताओं को मुकदमा लिखाने की चुनौती भी दी थी

बताया जाता है कि सांसद लोधी ने भाजपा को चुनौती देते हुए यह भी कहा था, ‘मुकदमा लिखाना है तो लिखाओ, हम डरने वाले नहीं हैं।’ उन्होंने केंद्र सरकार पर उद्योगपतियों के हित में काम करने, स्मार्ट मीटर में गड़बड़ी और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली जैसे आरोप भी लगाए थे।

सीएम योगी ने लोधी की टिप्पणी को अक्षम्य करार दिया

मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने X पोस्ट में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सांसद की टिप्पणी को असंसदीय, अशोभनीय और अक्षम्य बताया है। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि यह लोकतांत्रिक मर्यादाओं और 145 करोड़ देशवासियों के जनादेश का अपमान है। पोस्ट में इसे राजनीतिक कुसंस्कार और सार्वजनिक जीवन की शालीनता के प्रति अनादर भी बताया गया।

इस बीच विधान परिषद सदस्य जितेंद्र सिंह सेंगर ने बयान को निंदनीय बताते हुए सांसद से सार्वजनिक माफी की मांग की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में दर्ज धाराओं और वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की विधिक काररवाई की जाएगी।

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