वाराणसी, 4 जून। देश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक राजधानी काशी में गुरुवार से ब्रिक्स सांस्कृतिक कार्य समूह की बैठक शुरू हुई। दो दिवसीय ब्रिक्स बैठक में पहले दिन 11 देशों के 30 से ज्यादा मेहमान शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
स्थानीय ताज होटल में आयोजित बैठक के दौरान ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने भारत द्वारा संस्कृति ट्रैक के अंतर्गत निर्धारित प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श किया, जिनमें क्रिएटिव इकोनॉमी, सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण तथा संस्कृति-आधारित सतत विकास प्रमुख विषय रहे।
भारत, ब्राजील, चीन, दक्षिण अफ्रीका, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), इंडोनेशिया और ईरान के प्रतिनिधियों ने प्रत्यक्ष रूप से बैठक में भाग लिया जबकि रूस, इथियोपिया और मिस्र के प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। इनमें राजनयिक, नीति-निर्माता, सांस्कृतिक विशेषज्ञ एवं विशिष्ट प्रतिनिधियों ने चर्चा की। यह बैठक ब्रिक्स देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को सुदृढ़ करने तथा साझा पहलों को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य कर रही है।
काशी के विश्व प्रसिद्ध जीआई टैग एवं ओडीओपी उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी
बैठक के दौरान काशी के विश्व प्रसिद्ध जीआई टैग एवं ओडीओपी (एक जिला-एक उत्पाद) उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की गई है। इस प्रदर्शनी में वाराणसी की समृद्ध शिल्प परंपरा के छह शिल्पी छह विशिष्ट उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। प्रदर्शनी के माध्यम से विदेशी प्रतिनिधियों को इन उत्पादों की विशिष्टता से परिचित कराया जा रहा है। खास बात यह है कि इस प्रदर्शनी से स्थानीय कलाकारों और कारीगरों को अपने उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का अवसर भी मिल रहा है।

