नई दिल्ली, 6 मार्च। वायु सेना का लड़ाकू विमान सुखोई 30 गुरुवार को असम के कार्बी आंगलोंग इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया और इसमें सवार दोनों पायलटो की मौत हो गई है। वायु सेना के प्रवक्ता ने शुक्रवार सुबह विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की पुष्टि करते हुए बताया कि दुर्घटना में विमान के दोनों पायलटो स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रवेश दुर्गाकर की मौत हो गयी है। प्रवक्ता ने कहा कि वायु सेना दुख और संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के प्रति शोक और संवेदना व्यक्त करती है।
उन्होंने कहा कि दुर्घटना जोरहाट से 60 किलोमीटर दूर हुई। दुर्घटना के तुरंत बाद से वायु सेना की ओर से व्यापक बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इससे पहले वायु सेना ने गुरुवार देर रात बताया था कि एक सुखोई विमान के निर्धारित समय पर वापस नहीं पर आने पर खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया था। प्रवक्ता ने कहा था कि एक सुखोई लड़ाकू विमान के निर्धारित समय पर वापस नहीं आने की सूचना मिली है। इस विमान ने असम के जोरहाट हवाई अड्डे से नियमित प्रशिक्षण उड़ान भरी थी और इससे गुरुवार शाम सात बजकर 42 मिनट पर अंतिम बार संपर्क हुआ था।
- भारतीय वायु सेना के सबसे एडवांस लड़ाकू विमानों में से एक
Su-30MKI भारतीय वायु सेना के सबसे सक्षम लड़ाकू विमानों में से एक है और भारत के लड़ाकू बेड़े की रीढ़ है। रूस की सुखोई द्वारा विकसित और भारत में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा लाइसेंस के तहत निर्मित यह दो सीटों वाला मल्टीरोल जेट लंबी दूरी के मिशनों के लिए डिजाइन किया गया है और यह कई प्रकार के एडवांस हथियारों और मिसाइलों को ले जा सकता है।

