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बरेली : भाजपा विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल का निधन, मंत्री की बैठक में पड़ा दिल का दौरा

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बरेली, 2 जनवरी। उत्तर प्रदेश के बरेली से शुक्रवार को बेहद दुखद खबर सामने आई, जब सर्किट हाउस में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह की एक अहम बैठक के दौरान भाजपा विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल को दिल का दौरा पड़ा और काफी प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

डॉ. श्याम बिहारी ने एक दिन पहले ही मनाया था 60वां जन्मदिन

फरीदपुर से लोकप्रिय विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल एक दिन पहले (एक जनवरी) को ही अपना 60वां जन्मदिन धूमधाम से मनाया था, लेकिन नियति का क्रूर खेल देखिए कि अगले ही दिन मौत ने उन्हें गले लगा लिया। उनके निधन से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर फैल गई।

यह हृदय विदारक घटना तब घटी, जब सर्किट हाउस में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह अधिकारियों और नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कर रहे थे। विधायक श्याम बिहारी लाल भी इस चर्चा में शामिल थे। दोपहर करीब सवा दो बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे कुर्सी पर ही असहज हो गए। मीटिंग हॉल में अफरा-तफरी मच गई और वहां मौजूद सहयोगियों ने उन्हें तत्काल मेडिसिटी हॉस्पिटल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद दोपहर करीब तीन बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

सीएम योगी ने जताया गहरा शोक

इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. श्याम बिहारी लाल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे पार्टी और समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। सीएम योगी ने एक्स पोस्ट में लिखा, ‘जनपद बरेली के फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र से माननीय विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल जी का आकस्मिक निधन अत्यंत दुःखद है। विनम्र श्रद्धांजलि। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।’

एक घंटे तक चली सांसों की जंग

प्राप्त जानकारी के अनुसार अस्पताल पहुंचने तक भाजपा विधायक की हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी। मेडिसिटी हॉस्पिटल के डॉक्टर विमल भारद्वाज ने बताया कि सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद जब उन्हें लाया गया, तो उनका बीपी और पल्स काम नहीं कर रहा था। मेडिकल टीम ने उन्हें बचाने के लिए सीपीआर दिया और करीब एक घंटे तक लगातार कोशिश की। उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट भी दिया गया, लेकिन दिल का दौरा इतना भीषण था कि उन्हें बचाया नहीं जा सका।

उनके निधन की खबर मिलते ही डीएम अविनाश सिंह, एसएसपी अनुराग आर्य और सांसद छत्रपाल गंगवार समेत तमाम बड़े नेता और अधिकारी उनके आवास और अस्पताल पहुंच गए।

प्रोफेसर से जनसेवक तक का सफर

डॉ. श्याम बिहारी लाल केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक विद्वान भी थे। एक जनवरी, 1966 को शाहजहांपुर में जन्मे श्याम बिहारी लाल पेशे से प्रोफेसर थे। वह बरेली की महात्मा ज्योतिबा फूले रोहिलखंड यूनिवर्सिटी में प्राचीन इतिहास एवं संस्कृति विभाग के विभागाध्यक्ष थे। इसके अलावा वे पांचाल संग्रहालय के निदेशक भी रहे। राजनीति में उनका कद काफी ऊंचा था। उन्होंने 2017 में पहली बार भाजपा के टिकट पर फरीदपुर सुरक्षित सीट से जीत हासिल की थी और 2022 में दोबारा जनता का विश्वास जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। उनके परिवार में पत्नी मंजू लता, एक बेटा और दो बेटियां हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।

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