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मध्य प्रदेश : दतिया में भाजपा फिर हारी, कांग्रेस के घनश्याम सिंह 6 हजार मतों से विजयी

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दतिया (मध्य प्रदेश), 3 अगस्त। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उप चुनाव में कांग्रेस ने लगातार दूसरी बार सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को शिकस्त दी है। कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,016 वोटों से परास्त किया।

परिणाम पर एक नजर

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की ओर से जारी परिणाम के अनुसार कुल 15 राउंड की गिनती में घनश्याम सिंह को जहां 66,757 वोट मिले वहीं आशुतोष तिवारी को 60,741 मत मिले। नौवें राउंड तक कांग्रेस की बढ़त 9,519 वोटों की हो गई थी। लेकिन अंतिम कुछ राउंड में कांग्रेस प्रत्याशी की जीत का अंतर घट गया।

राजेंद्र भारती को सजा मिलने पर खाली हुई थी सीट

गौरतलब है कि दतिया विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को सहकारी ग्रामीण विकास बैंक फ्रॉड मामले में 2 वर्ष की सजा मिलने के बाद खाली हुई थी। 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने डॉ. नरोत्तम मिश्रा को 7742 वोटों से हराया था।

डॉ. नरोत्तम मिश्रा की नाराजगी भाजपा पर ज्यादा ही भारी गुजरी

माना जा रहा है कि 6 बार के विधायक रहे पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की नाराजगी भाजपा पर ज्यादा ही भारी गुजरी। दरअसल, नरोत्तम मिश्रा दतिया से लगातार टिकट हासिल करने के लिए प्रयास कर रहे थे और इसके जरिए विधानसभा में लौटने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया। इससे पार्टी में ही अंदरूनी कलह बढ़ गई और कई पदाधिकारियों ने इस्तीफा तक दे दिया। परिणाम भी सामने दिखा, जब नरोत्तम मिश्रा के पोलिंग बूथ नंबर 121 पर भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा।

घनश्याम सिंह बोले – भाजपा के अंत की शुरुआत हो चुकी है

अपनी जीत के बाद कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने कहा कि भाजपा के अंत की शुरुआत हो चुकी है। उन्हें कांग्रेस व सपा नेताओं ने मेलोडी टॉफी खिलाकर बधाई दी।

यह जीत सामूहिक तपस्या का परिणाम – जीतू पटवारी

कांग्रेस की जीत से उत्साहित पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि दतिया की जीत कांग्रेस की सामूहिक तपस्या का परिणाम है। यह जननेता राहुल जी के नेतृत्व की जीत है।

विधायक या सांसद बनना एकमात्र मकसद नहीं – आशुतोष तिवारी

वहीं चुनावी नतीजे स्पष्ट होने के बाद भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने जनता के जनादेश को सिर झुकाकर और हाथ जोड़कर स्वीकार करने की बात कही। अपने 32 वर्षों के सार्वजनिक जीवन का हवाला देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि विधायक या सांसद बनना उनका एकमात्र मकसद नहीं है और वह जीवन की अंतिम सांस तक दतिया की जनता के साथ खड़े रहेंगे।

‘भितरघात’ का आरोप लगाया

आशुतोष तिवारी ने इसके साथ ही अपनी पार्टी के भीतर हुए ‘भितरघात’ का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव में कहां चूक हुई है, इसकी गहराई से समीक्षा की जाएगी और वे अपनी बात पार्टी संगठन व शीर्ष नेतृत्व के समक्ष प्रमुखता से रखेंगे।

उन्होंने कहा – ‘जो भीतरघाती हैं, जो भाजपा को मां कहते हैं और फिर ऐसा मजाक करते हैं, उनको सोचना चाहिए। हम हार की समीक्षा करेंगे। फिलहाल आशुतोष तिवारी द्वारा पार्टी के भीतर भितरघात का आरोप लगाए जाने के बाद संगठन के अंदरूनी सियासी गलियारों में भारी हलचल मच गई है।

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