नई दिल्ली, 2 जनवरी। पाकिस्तान के बलूचिस्तान के निर्वासित बलूच नेता मीर यार बलूच ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को एक खुला पत्र लिखा है। इस पत्र में मीर यार ने भारत और बलूचिस्तान के बीच ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र करते हुए सहयोग बढ़ाने की अपील की। उन्होंने बलूचिस्तान के छह करोड़ नागरिकों की ओर से भारत के 140 करोड़ लोगों को नए वर्ष की शुभकामनाएं भी दीं।
भारत के साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों का दिया हवाला
इस खुले पत्र में एक ओर मीर यार बलूच ने भारत और बलूचिस्तान के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और वाणिज्यिक रिश्तों का जिक्र किया। वहीं दूसरी ओर उन्होंने भारत से पाकिस्तान को जड़ से उखाड़ फेंकने की मांग भी कर डाली। उन्होंने कहा, ‘इस मामले में बलूचिस्तान का हर नागरिक भारत के साथ है। हिंगलाज माता मंदिर जैसे पवित्र स्थल हमारी साझा विरासत के प्रतीक हैं।’
Open letter to Honorable Foreign Minister of #Bharat Shri @DrSJaishankar ji
From,
Baloch Representative,
Republic of Balochistan
State.
The Honorable Dr. S. Jaishankar,
Minister of External Affairs,
Government of Bharat,
South Block, Raisina Hill,
New Delhi – 110011January… https://t.co/WdjaACsG2V pic.twitter.com/IOEusbUsOB
— Mir Yar Baloch (@miryar_baloch) January 1, 2026
ऑपरेशन सिंदूर के लिए मोदी सरकार की तारीफ की
बलूच नेता ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ की और मोदी सरकार की साहसिक और दृढ़ कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने लिखा, ‘बलूचिस्तान के लोग बीते 69 वर्षों से पाकिस्तान का दमन झेल रहे हैं। अब समय आ गया है कि इस गंभीर समस्या को जड़ से उखाड़ फेंका जाए और हमारे देश की संप्रभुता सुनिश्चित की जाए।’
चीन और पाकिस्तान के बढ़ते गठजोड़ पर जताई चिंता
पत्र में चीन और पाकिस्तान के बढ़ते गठजोड़ पर चिंता जताई गई है और कहा गया है कि यदि बलूचिस्तान की स्वतंत्र सेनाओं को जल्द ही मजबूत नहीं किया गया तो हो सकता है कि चीन यहां अपने सैनिक तैनात कर दे। बलूचिस्तान में चीनी सैनिकों की उपस्थिति भविष्य में भारत और बलूचिस्तान दोनों के लिए खतरा और चुनौती होगी।

