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बदरीनाथ चढ़ावा चोरी केस: BKTC जांच रिपोर्ट में बड़े खुलासे, CCTV और ड्रेस कोड की सिफारिश

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गोपेश्वर, 17 जुलाई। उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) की ओर से गठित चार सदस्यीय जांच समिति ने अपनी 18 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट समिति को सौंप दी है। रिपोर्ट में चढ़ावे की गणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। वहीं, मामले की जांच कर रही पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है।

चढ़ावे की सुरक्षा के लिए कई अहम सुझाव

BKTC के मुख्य कार्य अधिकारी (CEO) सोहन सिंह रांगड़ ने रिपोर्ट मिलने की पुष्टि की है। समिति के सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में भविष्य में चढ़ावे की चोरी या हेराफेरी की आशंका को खत्म करने के लिए कई सुधारात्मक कदम सुझाए गए हैं।

रिपोर्ट में कर्मचारियों के लिए चढ़ावे की गणना के दौरान ड्रेस कोड लागू करने, मंदिर परिसर और गणना केंद्र के ब्लाइंड स्पॉट की पहचान कर वहां अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने, निगरानी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा चढ़ावे की गणना प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए स्पष्ट व्यवस्था तैयार करने की सिफारिश की गई है।

सोशल मीडिया पर आरोपों के बाद बनी थी जांच समिति

दो जुलाई को सोशल मीडिया पर बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोप सामने आने के बाद BKTC ने चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर अध्यक्ष कार्यालय में वैयक्तिक सहायक के रूप में तैनात प्रमोद नौटियाल को पहले निलंबित किया गया। बाद में पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

रिकॉर्ड में ओवरराइटिंग मिलने पर कार्रवाई

जांच के दौरान चढ़ावे से जुड़े रिकॉर्ड रजिस्टर में ओवरराइटिंग मिलने पर खजांची संदेश मेहता को भी संबंधित जिम्मेदारी से हटाकर अन्य स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है।

पुराने CCTV फुटेज खंगाल रही SIT

चमोली के पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह के नेतृत्व में गठित SIT अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित हेराफेरी में प्रमोद नौटियाल के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। टीम उनके पुराने गतिविधियों से जुड़े सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर रही है। इसके साथ ही पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस डिलीट किए जा चुके सीसीटीवी फुटेज को रिकवर करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता लेने की तैयारी कर रही है।

उच्चस्तरीय समिति भी कर रही समानांतर जांच

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति भी समानांतर जांच कर रही है। समिति पूरे प्रकरण की अलग से समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

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