दुबई, 8 अप्रैल। अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के लिए युद्धविराम की सहमति होने के बावजूद मध्य पूर्व में फिर से अराजकता का माहौल उत्पन्न हो गया है। कई देश एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं। सीजफायर की घोषणा के बाद ईरान, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, बहरीन और लेबनान पर नए हमले हुए, जिससे युद्धविराम की स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक बुधवार को लेबनान में इजराइली हमलों में 254 लोग मारे गए और 700 घायल हुए। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि दक्षिणी लेबनान में मरने वालों में 12 चिकित्सक भी शामिल हैं। युद्धविराम के बावजूद ईरान में तेल रिफाइनरी पर हमला किया गया।
ट्रंप बोले – समझौते, सूचियां और पत्र ऐसे लोगों द्वारा भेजे जा रहे, जिनका वार्ता से कोई संबंध नहीं
उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि कई समझौते, सूचियां और पत्र ऐसे लोगों द्वारा भेजे जा रहे हैं, जिनका अमेरिका/ईरान वार्ता से बिल्कुल भी कोई लेना-देना नहीं है। कई मामलों में, वे पूरी तरह से धोखेबाज, ठग और इससे भी बदतर हैं। हमारी संघीय जांच पूरी होने के बाद उनका तुरंत पर्दाफाश हो जाएगा।
𝐃𝐨𝐧𝐚𝐥𝐝 𝐉. 𝐓𝐫𝐮𝐦𝐩 𝐓𝐫𝐮𝐭𝐡 𝐒𝐨𝐜𝐢𝐚𝐥 𝐏𝐨𝐬𝐭 𝟏𝟐:𝟎𝟒 𝐏𝐌 𝐄𝐒𝐓 𝟎𝟒.𝟎𝟖.𝟐𝟔 pic.twitter.com/oJYuYbAMXu
— Commentary Donald J. Trump Posts From Truth Social (@TrumpDailyPosts) April 8, 2026
ट्रंप ने कहा, ‘केवल वे ही सार्थक ‘बिंदु’ हैं, जो संयुक्त राज्य अमेरिका को स्वीकार्य हैं। वार्ताओं के दौरान बंद दरवाजों के पीछे उन पर चर्चा करेंगे। ये वे बिंदु हैं, जिनके आधार पर हमने युद्धविराम पर सहमति व्यक्त की थी। यह एक तर्कसंगत बात है और आसानी से टाला जा सकता है। यह बिल्कुल कल रात सीएनएन पर प्रसारित फर्जी खबरों जैसा है, जिसमें एक ऐसे ‘स्रोत’ को प्रमुखता दी गई थी, जिसके पास पत्र लिखने का कोई अधिकार या शक्ति नहीं थी और जिसने खुद को बहुत विश्वसनीय बताया था।
दिलचस्प यह है कि सीजफायर के दौरान ही तेहरान ने कुवैत और यूएई पर भी हमले किए। ईरान के अपने तेल बुनियादी ढांचे पर हमले से लेकर संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन पर ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों और लेबनान में इजराइली हमलों के तेज होने तक के नए हमलों ने दो सप्ताह के युद्धविराम की स्थिरता पर तत्काल संदेह पैदा कर दिया है। छह सप्ताह से चल रहे उस संघर्ष को रोकना था, जिसने क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है।
भारत ने ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम का स्वागत किया
इस बीच भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम का बुधवार को स्वागत किया और पश्चिम एशिया में दीर्घकालिक शांति सुनिश्चित करने के लिए ‘‘तनाव कम करने, संवाद और कूटनीति’’ का आह्वान किया। भारत को होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए बिना किसी रोक-टोक के नौवहन और दुनियाभर में व्यापार होने की भी उम्मीद है। होर्मुज, फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच रणनीतिक रूप से अहम जलमार्ग है, जहां से दुनियाभर के लगभग 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी का परिवहन होता है।

