अब यूपी के सभी मेडिकल मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में बनेगी ‘धर्मांतरण रोकथाम सेल’, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का सख्त आदेश
लखनऊ, 11 जून। उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण रोकने के लिए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सख्त कदम उठाए हैं। राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने प्रदेश के सभी मेडिकल संस्थानों में धर्मांतरण रोकने के लिए विशेष सेल गठित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) और संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGIMS) में हाल में आए कथित धर्मांतरण के मामलों को गंभीरता से लेते हुए राज्यपाल ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
- निगरानी व्यवस्था सख्त करने की तैयारी
राज्यपाल के इस आदेश में छात्रों, रेजिडेंट डॉक्टरों और कर्मचारियों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर सतर्क नजर रखना, शैक्षणिक परिसर में सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करना, प्राप्त शिकायतों पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करने के आदेश हैं। नियमों, अधिकारों और जिम्मेदारियों की जानकारी देना भी शामिल हैं। राज्यपाल के निर्देश के बाद प्रदेश भर के मेडिकल इंस्टीट्यूट में निगरानी व्यवस्था को और सख्त करने की तैयारी तेज हो गई है।
- लखनऊ के KGMU में धर्मांतरण का मामला
लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में दिसंबर 2025 के धर्मांतरण का मामला सामने आया था। केजीएमयू के पैथोलॉजी विभाग में कार्यरत महिला रेजीडेंट डॉक्टर ने 23 दिसंबर 2025 को लखनऊ के चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने अपने सहयोगी डॉक्टर रमीज़ुद्दीन नायक (उर्फ रमीज मलिक) पर आरोप लगाया कि उसने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए, निजी वीडियो और फोटो से ब्लैकमेल किया, गर्भपात कराया और जबरन इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाया। पीड़िता के अनुसार, आरोपी पहले से शादीशुदा था और उसने पहले भी एक महिला को धर्मांतरण करवाकर शादी की थी।
