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बांग्लादेश में एक और हिन्दू युवक की हत्या, भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला

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ढाका, 25 दिसम्बर। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ जारी हिंसा के बीच एक और हिन्दू शख्स की हत्या का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भीड़ ने पीट-पीटकर एक और हिन्दू युवक की हत्या कर दी है। लेकिन पुलिस का कहना है कि यह हमला उगाही से जुड़ा हुआ है।

पुलिस ने कहा – उगाही से जुड़ा है यह हमला

डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश के राजबाड़ी जिले के पंशा में बुधवार देर रात ग्रामीणों के एक समूह ने रंगदारी के आरोप में एक हिन्दू युवक को पीट-पीटकर मार डाला। यह घटना बुधवार रात करीब 11 बजे की है। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अमृत मंडल उर्फ सम्राट के खिलाफ उगाही और डराने-धमकाने के कई मामले दर्ज

बांग्लादेश पुलिस के अनुसार मृतक का नाम अमृत मंडल उर्फ सम्राट है, जिसके खिलाफ उगाही और डराने-धमकाने के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि अमृत ‘सम्राट बाहिनी’ का मुखिया था। अमृत मंडल उर्फ ​​सम्राट (30) हुसैनडांगा के अक्षय मंडल का बेटा है। पुलिस ने सम्राट के एक सहयोगी मोहम्मद सलीम को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से एक पिस्तौल सहित हथियार बरामद किए गए हैं।

पांग्शा सर्कल के सहायक पुलिस अधीक्षक देब्रता सरकार ने बताया कि स्थानीय लोगों द्वारा एक व्यक्ति पर हमला किए जाने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पीड़ित की पहचान अमृत मंडल के रूप में हुई है, जिसे सम्राट के नाम से भी जाना जाता था। पुलिस को वह बेहद गंभीर स्थिति में मिला और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

पुलिस का कहना है कि सम्राट के खिलाफ हत्या सहित दो मामले दर्ज थे। स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि सम्राट कथित तौर पर एक क्रिमिनल गैंग चला रहा था और उगाही में शामिल था। साथ ही अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल था। उनका दावा है कि वह लंबे समय से भारत में छिपा था और हाल ही में बांग्लादेश अपने गांव लौटा था।

ग्रामीणों का कहना है कि सम्राट ने कथित तौर पर एक स्थानीय निवासी शहिदुल इसलाम से पैसों की डिमांड की थी। बुधवार रात को वह और उसके कई सहयोगी कथित तौर पर शहिदुल से पैसे उगाही करने उसके घर पहुंचे। जब परिवार ने चोर-चोर कहकर शोर मचाना शुरू किया तो गांववाले इकट्ठा हो गए और सम्राट की पिटाई शुरू कर दी। उसके अन्य साथी मौके से फरार हो गए। वहीं मोहम्मद सलीम के पास से हथियार बरामद किए गए हैं, जिन्हें पुलिस को सौंप दिया गया.

यह घटना बांग्लादेश में दीपू चंद्र नाम के हिन्दू शख्स की मॉब लिंचिंग के कुछ दिनों बाद हुई है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने दीपू चंद्र की लिंचिंग की निंदा करते हुए कहा था कि देश में भीड़ हिंसा और सांप्रदायिक हिंसा की कोई जगह नहीं है।

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