नई दिल्ली, 7 मार्च। पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मौजूदगी वाले अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के आयोजन स्थल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति मूर्मू ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम ऐसे स्थान पर आयोजित किया गया, जहां संथाल समुदाय के लोग आसानी से नहीं पहुंच सकते। वहीं उन्होंने राष्ट्रपति के स्वागत में ममता बनर्जी व टीएमसी सरकार के किसी मंत्री के न आने पर भी हैरानी जताई। कुल मिलाकर इस दौरे में ममता सरकार की बेरुखी से राष्ट्रपति काफी व्यथित दिखीं।
राष्ट्रपति के इस अनादर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी काफी नाराज हुए और उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राष्ट्रपति की पीड़ा और नाराजगी से पूरे देश के लोग दुखी हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है और उसका सम्मान हमेशा होना चाहिए। पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल सरकार और टीएमसी की आलोचना करते हुए कहा कि प्रशासन इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार है।
‘यह शर्मनाक और अभूतपूर्व..’
पीएम मोदी ने कहा, ‘यह शर्मनाक और अभूतपूर्व है। लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास रखने वाला हर व्यक्ति निराश है। स्वयं आदिवासी समुदाय से आने वाली राष्ट्रपति द्वारा व्यक्त की गई पीड़ा और दुख ने भारत की जनता के मन में गहरा दुख पहुंचाया है। पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार ने सारी हदें पार कर दी हैं। राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन जिम्मेदार है।’
This is shameful and unprecedented. Everyone who believes in democracy and the empowerment of tribal communities is disheartened.
The pain and anguish expressed by Rashtrapati Ji, who herself hails from a tribal community, has caused immense sadness in the minds of the people… https://t.co/XGzwMCMFrT
— Narendra Modi (@narendramodi) March 7, 2026
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘यह भी उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल सरकार संथाल संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय को इतनी लापरवाही से ले रही है। राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है और इस पद की गरिमा का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए। आशा है कि पश्चिम बंगाल सरकार और टीएमसी में सुधरने की भावना जागृत होगी।’
राष्ट्रपति मुर्मु की ममता बनर्जी पर टिप्पणी
दार्जिलिंग दौरे के दौरान राष्ट्रपति ने कहा, ‘ममता बनर्जी मेरी ‘छोटी बहन’ जैसी हैं। मैं भी बंगाल की बेटी हूं। मुझे नहीं पता कि वह नाराज हैं या नहीं। खैर, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। आप सब ठीक रहें।’
राष्ट्रपति मुर्मु ने अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस के आयोजन स्थल को लेकर ममता सरकार पर जताई नाराजगी
राष्ट्रपति मुर्मु को आदिवासी समुदाय के वार्षिक कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था, जो मूल रूप से सिलीगुड़ी के बिधाननगर में बड़े मैदान पर आयोजित होने वाला था। लेकिन एन वक्त पर इसे सिलीगुड़ी महकमा परिषद के फांसीदेवा क्षेत्र में शिफ्ट कर दिया गया। वह ग्राउंड इतना छोटा कि संथाल समुदाय के ढेरों लोग कार्यक्रम में शामिल हुए बिना लौट गए।

