गोधरा, 28 जून। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को युवाओं से 2047 तक भारत को हर क्षेत्र में विश्व गुरु बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया, जब देश की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होंगे। शाह ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी नेता गोविंद गुरु के योगदान को भी याद किया और कहा कि उन्होंने ब्रिटिश शासन के दौरान क्षेत्र के लोगों की अंतरात्मा को जगाया।
श्री गोविंद गुरु विवि के लिए 125 करोड़ की लागत से विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास
अमित शाह ने गुजरात के पंचमहल जिले में गोधरा के पास विंजोल में आयोजित एक कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संबोधित करते हुए देश के युवाओं से यह आह्वान किया। इस कार्यक्रम में श्री गोविंद गुरु विश्वविद्यालय के लिए 125 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया गया।
शाह ने गोविंद गुरु को भारत के स्वतंत्रता संग्राम का नायक करार देते हुए कहा, ‘अंग्रेजों के खिलाफ उस संघर्ष में करीब 1,512 आदिवासी भाई-बहन शहीद हुए और गुजरात में मानगढ़ भारत की आजादी की लड़ाई के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान बन गया।’
आजादी की शताब्दी मनाए जाने तक हर क्षेत्र में भारत को शीर्ष पर पहुंचाना है
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोविंद गुरु की वीरता से प्रेरणा लेते हुए 2047 तक भारत को एक महान राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा, ‘यह हम सभी के लिए महत्वपूर्ण बात है। हमारे युवाओं और बच्चों को एक ऐसा भारत बनाने का संकल्प लेना चाहिए, जहां देश अपनी आजादी की शताब्दी मनाए जाने पर दुनिया के हर क्षेत्र में प्रथम स्थान पर हो।’
पीएम मोदी ने गुजरात का सीएम रहते गोविंद गुरु विवि की स्थापना की कल्पना की थी
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि पीएम मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान गोविंद गुरु विश्वविद्यालय की स्थापना की कल्पना की थी। उन्होंने कहा, ‘आज पंचमहल (जिले) के इतिहास में एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है। गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्रभाई ने गोविंद गुरु को समर्पित एक विश्वविद्यालय और स्मारक की कल्पना की थी, जो देशभर के आदिवासियों के लिए प्रेरणा का स्थान बन सके।’
खराब मौसम की वजह से शाह व्यक्तिगत रूप से कार्यक्रम में नहीं आ सके
दरअसल, अमित शाह खराब मौसम की वजह से इस कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना 2015 में हुई थी और आज 125 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया जा रहा है।

