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महाश्मशान मणिकर्णिका घाट को लेकर उपजे विवाद के बीच बोले सीएम योगी – जनता को दिग्भ्रमित कर रही कांग्रेस

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वाराणसी, 17 जनवरी। धार्मिक नगरी काशी के महाश्मशान मणिकर्णिका घाट पर चल रहे विकास कार्य और निर्माण कार्य के दौरान ही अहिल्याबाई की प्रतिमा, मढ़ी व कथित तोड़फोड़ से जुड़े वायरल वीडियो को लेकर उपजे विवाद के बीच शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चंदौली से लौटते वक्त वाराणसी पहुंचे। हालांकि प्रस्तावित कार्यक्रम के बावजूद वह किसी कारणवश मणिकर्णिका घाट नहीं जा सके, लेकिन लखनऊ लौटने से पहले उन्होंने सर्किट हाउस में मीडिया को संबोधित किया।

काशी में 55 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं लिख रहीं विकास की नई गाथा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि काशी आज अभूतपूर्व विकास की साक्षी बन रही है। उन्होंने बताया कि वाराणसी में 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं, जो विकास की नई गाथा लिख रही हैं।

पीएम मोदी के नेतृत्व में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा, विरासत संरक्षण के साथ विकास पर जोर

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार मिलकर काशी में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्राचीन विरासत को सुरक्षित करने का कार्य कर रही हैं।

भारत की आस्था को लगातार अपमानित करती रही है कांग्रेस

सीएम योगी ने कांग्रेस पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि वह लगातार भारत की आस्था को अपमानित करती रही है। मठ-मंदिर के विवादित मुद्दे उठाकर सनातनी जनता को दिग्भ्रमित करने का काम हो रहा है। विश्व में सबसे न्यारी काशी में माता अहिल्याबाई के सम्मान को ठेस पहुंचाया जा रहा है। कांग्रेस ने कभी भी विरासत का सम्मान नहीं किया। अपने समय में कभी भी विकास के काम को आगे नहीं बढ़ाया। आज जब देश और खासतौर से काशी नगरी विकास के पथ पर अग्रसर है तो तमाम तरह के अड़ंगे लगाए जा रहे हैं।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के सुंदरीकरण के दौरान भी ऐसा ही माहौल बनाया गया था

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के सुंदरीकरण के दौरान भी कुछ ऐसा ही माहौल बनाया गया था। उस दौरान कुछ लोगों द्वारा खंडित मूर्तियों को दिखाकर भोली-भाली जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया गया। लेकिन आज सच्चाई सबके सामने है। भव्य श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद प्रतिदिन एक से डेढ़ लाख श्रद्धालु दर्शन-पूजन कर रहे हैं, जबकि पहले यह संख्या मात्र 10 से 15 हजार तक ही सीमित थी।

मणिकर्णिका घाट की मौजूदा स्थिति व प्रस्तावित परियोजना

सीएम योगी ने कहा कि उस वक्त श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का विरोध करने वाले लोग भी कॉरिडोर में जाकर बाबा विश्वनाथ का सुविधाजनक आशीर्वाद ले रहे हैं। मंदिर से पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिला है, इस बात को हर देशवासी समझ रहा है। सिर्फ कांग्रेस के लोग इसे नहीं समझ पा रहे हैं।

मणिकर्णिका घाट पर पुनर्निर्माण कार्य को भी कांग्रेस व उसके समर्थक पचा नहीं पा रहे

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार मणिकर्णिका घाट पर भी पुनर्निर्माण और विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इस पुनर्निर्माण को लेकर भी कांग्रेस और उसके समर्थक इसे पचा नहीं पा रहे हैं और वे लगातार अपने भ्रामक विचारों और झूठे प्रचार के माध्यम से देश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, काशी की जनता सच्चाई को भली-भांति जानती है और विकास कार्यों के साथ खड़ी है।

महाश्मशान मणिकर्णिका घाट

भ्रामक प्रचार करने वालों पर होगी कड़ी काररवाई

मुख्यमंत्री ने सख्त शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक तरीके से जनता को गुमराह करने का कार्य कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी काररवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार विकास और विरासत दोनों के संरक्षण के अपने संकल्प पर पूरी मजबूती से आगे बढ़ती रहेगी।

श्री काशी विश्वनाथ और काल भैरव मंदिर में दर्शन–पूजन

इससे पहले मुख्यमंत्री ने श्री काशी विश्वनाथ और काल भैरव मंदिर में दर्शन–पूजन किया। सीएम योगी के संभावित घाट निरीक्षण को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा।

तैयारियों के बावजूद मणिकर्णिका घाट नहीं पहुंचे

सतुआ बाबा आश्रम से मणिकर्णिका घाट तक रेड कार्पेट बिछाया गया था, सुबह से ही यातायात प्रतिबंध लागू किए गए और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। घाट और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। हालांकि, तमाम तैयारियों के बावजूद मुख्यमंत्री मणिकर्णिका घाट नहीं पहुंचे और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजने के बाद सीधे सर्किट हाउस के लिए रवाना हो गए।

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