नई दिल्ली, 1 अप्रैल। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के चलते दुनियाभर में गहराते ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार की शाम अपने आवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक की। लगभग ढाई घंटे तक चली बैठक में युद्ध के कारण पैदा होने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस हाई-लेवल बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि विदेशी जंग का असर भारत के आम नागरिक, किसान और व्यापारियों पर न पड़े। बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित सरकार के कई दिग्गज शामिल हुए।
विशेष कंट्रोल रूम हर वक्त रखेंगे कीमतों पर नजर
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के दौरान साफ निर्देश दिए कि युद्ध की स्थिति में भी देश के भीतर जरूरी चीजों की कमी नहीं होनी चाहिए। सरकार ने खेती, खाद (फर्टिलाइजर), बिजली और ईंधन की सप्लाई को लेकर एक मजबूत योजना तैयार की है। जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए राज्यों के साथ मिलकर विशेष कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जो हर समय कीमतों पर नजर रखेंगे।
आने वाले फसल सीजन के लिए खाद का पर्याप्त इंतजाम किया जा रहा
किसानों के लिए राहत की बात यह है कि आने वाले फसल सीजन के लिए खाद का पर्याप्त इंतजाम किया जा रहा है। इसके अलावा, देश में कोयले का भारी स्टॉक मौजूद है, जिससे बिजली की सप्लाई में कोई रुकावट नहीं आएगी। सरकार पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई को सामान्य रखने के लिए भी दूसरे देशों से लगातार संपर्क में है।
जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त काररवाई
पीएम मोदी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि युद्ध के बहाने जरूरी चीजों की कीमतों में उछाल नहीं आना चाहिए। जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त काररवाई के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के साथ मिलकर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जो ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ को कड़ाई से लागू करेंगे।
Chaired a meeting of the Cabinet Committee on Security (CCS). Reviewed the steps being taken by various Ministries and Departments in the wake of the ongoing West Asia conflict and also discussed the next set of initiatives to be taken. Aspects relating to sectors like energy,… pic.twitter.com/vb0UluPbtu
— Narendra Modi (@narendramodi) April 1, 2026
देश में कोयले का पर्याप्त स्टॉक
किसानों को संकट से बचाने के लिए यूरिया के उत्पादन को स्थिर रखने और DAP/NPKS की सप्लाई के लिए विदेशी सप्लायर्स के साथ तालमेल बैठाने पर भी चर्चा हुई। पीएम मोदी ने खरीफ और रबी सीजन के लिए खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आकलन किया। ऊर्जा क्षेत्र की स्थिरता के लिए LPG और LNG के सप्लाई स्रोतों में विविधता (Diversification) लाने और फ्यूल ड्यूटी में संभावित कमी पर विचार हुआ। राहत की बात यह है कि देश में कोयले का पर्याप्त स्टॉक है, जिससे बिजली संकट का खतरा नहीं है।
आम आदमी को नहीं होनी चाहिए आर्थिक तंगी
पीएम मोदी ने इस चुनौतीपूर्ण समय में सरकार के सभी विभागों को मिलकर काम करने का निर्देश दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नागरिकों को किसी भी तरह की अफवाहों से बचाने के लिए सही जानकारी समय पर पहुंचाई जानी चाहिए। सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहे और आम आदमी को किसी भी तरह की आर्थिक तंगी या महंगाई का सामना न करना पड़े।

