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अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास, बोले- आगे बढ़ने का सही समय

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मुंबई, 30 जुलाई। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान व दृढ़प्रतिज्ञ शीर्ष क्रम बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने गुरुवार को तत्काल प्रभाव से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का एलान कर दिया। इसके साथ ही उनके लगभग दो दशक के क्रिकेट करिअर का अंत हो गया। उन्होंने सोशल मीडिया पर इमोशनल वीडियो के जरिए घोषणा करते हुए कहा कि उन्हें लगा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से आगे बढ़ने का यह सही समय है।

‘मैंने हमेशा देश और टीम को प्राथमिकता दी और ईमानदारी से खेल खेला’

उन्होंने कहा, ‘आज, मुझे लगता है कि मेरे लिए आगे बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और उसके सभी प्रारूप से संन्यास की घोषणा करने का सही समय है। उन शुरुआती दिनों से, जब मैं छोटा था और सिर्फ प्रैक्टिस के लिए ट्रैवल करता था, मैंने इस गेम में अपना सब कुछ दिया। हर एक दिन, हर इनिंग, हर मौके पर जब मुझे बैटिंग करने का मौका मिला तो मेरा सपना हमेशा इंडिया कैप पहनने का था। मैंने अपने करिअर के दौरान हमेशा देश और टीम को प्राथमिकता दी और ईमानदारी से खेल खेला।’

अनुभवी क्रिकेटर ने कहा, ‘मैं एक आसान नियम पर जीता हूं। हमेशा अपने देश और अपनी टीम को खुद से ऊपर रखता हूं। मेरा हमेशा से मानना ​​रहा है कि अगर आपका इरादा सही है, तो खेल हमेशा आपका ख्याल रखेगा।’

‘मुझे पिछले 20 वर्षों में भारतीय क्रिकेट का हिस्सा होने पर बहुत गर्व है

अपने करिअर के बारे में रहाणे ने कहा कि उनके फर्स्ट-क्लास डेब्यू के बाद से भारतीय क्रिकेट काफी आगे बढ़ी है और उन्होंने इस सफर का हिस्सा होने पर गर्व जताया। उन्होंने कहा, ‘जब से मैंने फर्स्ट-क्लास क्रिकेटर के तौर पर डेब्यू किया है, भारतीय क्रिकेट बहुत आगे बढ़ी है और मुझे पिछले 20 वर्षों में इसका हिस्सा होने पर बहुत गर्व है। एक इंडियन क्रिकेटर के तौर पर मेरा चैप्टर खत्म हो रहा है, लेकिन खेल के साथ मेरा सफर खत्म नहीं हुआ है। मैं अगली पीढ़ी की मदद करने, इस खेल ने मुझे जो वैल्यूज सिखाई हैं, उन्हें शेयर करने और उस खेल को वापस देने के लिए उत्सुक हूं, जिसने मुझे सब कुछ दिया है।’

रहाणे ने अपने पूरे करिअर में सपोर्ट के लिए बीसीसीआई (BCCI), मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA), अपने टीममेट्स, कोच, आईपीएल (IPL) फ्रेंचाइजी, परिवार, दोस्तों और फैंस को भी धन्यवाद दिया और उन सभी क्रिकेट फैंस को बहुत-बहुत धन्यवाद जिन्होंने हर उतार-चढ़ाव में उनका साथ दिया।

उन्होंने कहा, ‘वस्तुतः अजिंक्य का मतलब है, जिसे हराया न जा सके, लेकिन क्रिकेट ने मुझे कई बार हारते हुए दिखाया है। क्रिकेटर के तौर पर, हम सफल होने से ज्यादा बार फेल होते हैं। मेरी टीम मैच हारी है। मैंने गलतियां की हैं, लेकिन एक जगह है, जहां मैं कभी हारा नहीं। और वह था आपका दिल।’

अजिंक्य के अंतरराष्ट्रीय करिअर पर एक नजर

रहाणे ने 2013 में शुरू हुए 12 वर्षों के अपने अंतरराष्ट्रीय करिअर में भारत के लिए कुल 85 टेस्ट मैचों में 144 पारियां खेलीं, जिसमें 38.46 के औसत और 49.50 की स्ट्राइक रेट से 5,077 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल हैं। हालांकि, वह वेस्टइंडीज के खिलाफ 2023 की टेस्ट सीरीज के बाद से भारत के लिए नहीं खेले हैं। राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजरों से गायब होने के बावजूद, रहाणे घरेलू सर्किट में एक्टिव रहे हैं और 2024-25 सीजन तक मुंबई का नेतृत्व किया।

वहीं, रहाणे ने 90 एक दिनी अंतरराष्ट्रीय मैचों की 87 पारियों में हिस्सा लिया, जिसमें 35.26 के औसत और 78.63 की स्ट्राइक रेट से तीन शतक और 24 अर्धशतक के साथ 2,962 रन बनाए। टी20 अंतरराष्ट्रीय में उन्होंने 20 मैचों में 375 रन बनाए, जिसमें 20.83 के औसत और 113.29 की स्ट्राइक रेट से एक फिफ्टी लगाई है।

रहाणे के कार्यकाल में कुछ यादगार जीत

रहाणे के कार्यकाल में मेलबर्न में यादगार वापसी और गाबा में भारत की ऐतिहासिक जीत शामिल है, जिसने 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान इस जगह पर ऑस्ट्रेलिया की लंबी हार का सिलसिला खत्म कर दिया, जिसे एशियन जायंट्स ने 2-1 से जीता। रहाणे ने 2017 में धर्मशाला में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक अहम टेस्ट जीत भी दिलाई और 2018 में टीम को अफगानिस्तान पर जीत दिलाई।

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