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खुशखबरी : बीजिंग और दिल्ली के बीच सीधी उड़ान शुरू करेगी एयर चाइना, चीनी दूतावास की प्रवक्ता ने की घोषणा

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नई दिल्ली, 21 मार्च। चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने शनिवार को एक अहम घोषणा करते हुए बताया कि एयर चाइना बीजिंग और दिल्ली के बीच सीधी उड़ानें फिर शुरू करने जा रही है।

यू जिंग ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि यह सिर्फ यात्रा नहीं बल्कि व्यापार, पर्यटन, विश्वास और एससीओ, ब्रिक्स जैसे मंचों पर लोगों के बीच सहयोग बढ़ाने का बड़ा कदम है। इस बहाली से दोनों देशों के नागरिकों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी जिससे समय और खर्च बचेगा। लोग बिना ट्रांजिट के आसानी से दोनों राजधानियों के बीच यात्रा कर सकेंगे, जो कोविड के बाद संबंधों के सामान्य होने का प्रतीक है।

कोविड-19 महामारी और सीमा पर तनाव के कारण 6 वर्षों तक बंद थीं भारत-चीन के बीच सभी सीधी उड़ानें

गौरतलब है कि वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी और सीमा पर तनाव के कारण भारत-चीन के बीच सभी सीधी उड़ानें बंद कर दी गई थीं। लगभग छह वर्षों बाद अक्टूबर, 2025 में इन उड़ानों की बहाली शुरू हुई। इंडिगो ने कोलकाता-ग्वांगझोउ रूट शुरू किया, चीन ईस्टर्न एयरलाइंस ने शंघाई-दिल्ली उड़ानें शुरू कीं और एअर इंडिया ने फरवरी, 2026 से दिल्ली-शंघाई उड़ानें शुरू कीं।

अक्टूबर, 2025 में शुरू हुई थी कुछ उड़ानों की बहाली

अब एयर चाइना की बीजिंग-दिल्ली उड़ानें इस प्रक्रिया को और मजबूत बनाएंगी। पहले भी एयर चाइना दिल्ली और मुंबई तक उड़ान भरती थी, लेकिन महामारी और तनाव ने सब कुछ रोक दिया था। यह कदम दोनों देशों की कूटनीति में सकारात्मक बदलाव दर्शाता है।

व्यापार और पर्यटन को सीधा बढ़ावा मिलेगा

इस उड़ान बहाली से व्यापार और पर्यटन को सीधा बढ़ावा मिलेगा। दोनों देशों के बीच व्यापारिक आदान-प्रदान आसान होगा, व्यापारी जल्दी यात्रा कर सकेंगे। पर्यटक बिना ट्रांजिट के बीजिंग के ऐतिहासिक स्थलों और दिल्ली की सांस्कृतिक धरोहर देख सकेंगे। इससे लोगों के बीच आपसी समझ बढ़ेगी और विश्वास निर्माण में मदद मिलेगी। आर्थिक दृष्टि से यह दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए फायदेमंद साबित होगा क्योंकि पर्यटन और व्यापार से रोजगार और राजस्व बढ़ेगा। SCO और ब्रिक्स जैसे मंचों पर सहयोग और मजबूत होगा, जो क्षेत्रीय विकास के लिए जरूरी है।

समझा जाता है कि भारत और चीन के बीच संबंध सुधार की दिशा में यह एक सकारात्मक कदम है। ब्रिक्स और एससीओ जैसे मंचों पर सहयोग बढ़ाने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी जरूरी है। दोनों देश दुनिया की दो सबसे बड़ी आबादी वाले राष्ट्र हैं और उनके बीच अच्छे संबंध क्षेत्रीय स्थिरता के लिए जरूरी हैं। उम्मीद है कि भविष्य में और अधिक रूट्स खुलेंगे और उड़ानें बढ़ेंगी। हालांकि, सीमा मुद्दों पर बातचीत जारी रखना आवश्यक है। यह बहाली दोनों देशों की कूटनीति में परिपक्वता दर्शाती है और भविष्य में मजबूत साझेदारी की नींव रखेगी।

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