नई दिल्ली, 26 जनवरी। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ऐतिहासिक भारत-ईयू व्यापार समझौते पर चल रही बातचीत के बीच सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने कहा कि एक सफल भारत दुनिया को ज्यादा स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है।
The display of the flags of the EU, the EU Military Staff, and our maritime missions ATALANTA and ASPIDES at India’s Republic Day is a powerful symbol of our deepening security cooperation.
It will culminate tomorrow in the signature of our Security and Defence Partnership. pic.twitter.com/l5pPxFt8Rv
— Ursula von der Leyen (@vonderleyen) January 26, 2026
वॉन डेर लेयेन, यूरोपियन परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ, कर्तव्य पथ पर मुख्य अतिथि के तौर पर परेड में शामिल हुईं। पारंपरिक बग्गी में सवार होकर कर्तव्य पथ पहुंचने पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, कोस्टा और वॉन डेर लेयेन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अगवानी की। राष्ट्रपति ने कर्तव्य पथ पर परेड की सलामी ली।
वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनना जिंदगीभर का सम्मान है। एक सफल भारत दुनिया को ज़्यादा स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है और हम सभी को इसका फायदा होता है।’
It is the honor of a lifetime to be Chief Guests at the Republic Day celebrations.
A successful India makes the world more stable, prosperous and secure.
And we all benefit ↓ https://t.co/boeqFGv15Q
— Ursula von der Leyen (@vonderleyen) January 26, 2026
वॉन डेरे लेयेन का यह बयान पीएम मोदी के साथ भारत-EU शिखर वार्ता से पहले आई। नई दिल्ली और ब्रसेल्स 27 जनवरी को भारत-EU शिखर सम्मेलन में लंबे वक्त से प्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत खत्म होने की घोषणा करने वाले हैं।
भारत-EU संबंधों में बदलाव की उम्मीद
यूरोपीय यूनियन भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है, जिसके साथ FY 2023-24 में द्विपक्षीय सामानों का व्यापार 135 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया था। अधिकारियों ने कहा कि प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट दोनों पक्षों के बीच कमर्शियल जुड़ाव को काफी बढ़ा सकता है।
India is privileged to host European Council President António Costa and European Commission President Ursula von der Leyen during our Republic Day celebrations.
Their presence underscores the growing strength of the India-European Union partnership and our commitment to shared… pic.twitter.com/tdKuI6oKyp
— Narendra Modi (@narendramodi) January 26, 2026
इस समझौते से कई सेक्टरों में भारत-EU संबंधों में एक बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है, खासकर ऐसे वक्त में जब वॉशिंगटन की टैरिफ-आधारित नीतियों से ग्लोबल कॉमर्स में रुकावट आ रही है। यह महत्वाकांक्षी FTA अमेरिका के ट्रेड और टैरिफ उपायों को लेकर बढ़ती बेचैनी के बीच आकार ले रहा है, जिसने भारत और 27 देशों के ब्लॉक दोनों को प्रभावित किया है।
भारत और EU ने पहली बार 2007 में FTA पर बातचीत शुरू की थी, लेकिन महत्वाकांक्षा के स्तर पर मतभेदों की वजह से 2013 में बातचीत रोक दी गई थी। यह प्रक्रिया करीब एक दशक बाद, जून 2022 में फिर शुरू हुई।
कारों पर इंपोर्ट टैरिफ 110% से घटाकर 40% कर सकता है भारत
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार भारत एक प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के तहत यूरोपीय यूनियन से आने वाली कारों पर इंपोर्ट टैरिफ को मौजूदा 110 फीसदी की अधिकतम दर से घटाकर 40 फीसदी कर सकता है, जिसे मंगलवार तक फाइनल किया जा सकता है।
बातचीत से जुड़े सूत्रों ने बताया कि नई दिल्ली कुछ सीमित संख्या में EU से इंपोर्ट की गई कारों पर ड्यूटी तुरंत कम करने पर सहमत हो गया है, बशर्ते उनकी इंपोर्ट कीमत लगभग 16.3 लाख रुपये (USD 17,739) से ज्यादा हो। उम्मीद है कि वक्त के साथ टैरिफ और घटकर 10 फीसदी हो जाएगा।

