यूजरनेम फीचर विवाद : केंद्र सरकार ने WhatsApp के बाद टेलीग्राम व सिग्नल को भी भेजी नोटिस
नई दिल्ली, 2 जुलाई। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने यूजरनेम फीचर विवाद में WhatsApp के बाद अब टेलीग्राम और सिग्नल को भी नोटिस थमा भेजी है। इसमें उनके मौजूदा ‘यूजरनेम फीचर’ पर सवाल उठाए गए हैं और पूछा गया है कि ये मंच धोखाधड़ी और किसी अन्य का रूप धारण करने से जुड़ी चिंताओं को कैसे दूर कर रहे हैं। सूत्रों ने गुरुवार की रात यह जानकारी दी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ह्वाट्सएप का स्वामित्व रखने वाले मेटा को नोटिस भेजने के बाद दोनों मैसेजिंग एप को नोटिस दी गई है। सूत्रों ने बताया कि टेलीग्राम को भेजी गई नोटिस में सरकार ने मंच से पूछा है कि उसे ‘यूजरनेम फीचर’ बनाए रखने की अनुमति क्यों दी जानी चाहिए। यह ‘फीचर’ उपयोगकर्ताओं को अनूठे ‘यूजरनेम’ बनाने की सुविधा देता है। इससे उपयोगकर्ता अपना फोन नंबर साझा किए बिना बातचीत या चैट कर सकते हैं।
केंद्र सरकार ने बुधवार को ह्वाट्सएप पर यूजरनेम फीचर को लेकर मेटा को नोटिस जारी की थी। इसमें चिंता जताई गई थी कि इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, ‘डिजिटल अरेस्ट’ घोटाला और किसी और का रूप धारण कर की जाने वाली गड़बड़ी के मामले काफी बढ़ सकते हैं। सरकार ने ह्वाट्सएप को यह भी निर्देश दिया था कि जब तक इस मुद्दे पर ‘सरकार की संतुष्टि के अनुसार’ बातचीत पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस ‘फीचर’ को पेश नहीं किया जाए।
सूत्रों का कहना है कि सरकार ने अब अपनी जांच का दायरा दूसरे संदेश मंचों तक भी बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने टेलीग्राम और सिग्नल को भी पत्र लिखा है, जिनमें पहले से ही ‘यूजरनेम फीचर’ मौजूद हैं। उनसे पूछा गया है कि वे धोखाधड़ी और किसी और का रूप धारण करने से जुड़ी चिंताओं का समाधान कैसे कर रहे हैं।
फिलहाल सरकार की नोटिस के बारे में टेलीग्राम और सिग्नल से संपर्क नहीं हो सका है। सरकारी सूत्र ने कहा कि दोनों मामले एक जैसे तो हैं, लेकिन बिल्कुल समान नहीं हैं। टेलीग्राम में यह फीचर पहले से मौजूद है जबकि ह्वाट्सएप ने अभी सिर्फ इसकी घोषणा की है। दोनों के उपयोगकर्ताओं की संख्या में भी काफी अंतर है। भारत में ह्वाट्सएप के लगभग 50 करोड़ उपयोगकर्ता हैं। इस लिहाज से यह इस मंच के लिए एक अहम बाजार है। इसके उपयोगकर्ताओं की संख्या यहां टेलीग्राम के मुकाबले कहीं ज्यादा है।
देश में टेलीग्राम पिछले कुछ महीनों में, धोखाधड़ी, किसी और का रूप धारण कर और संवेदनशील जानकारी के प्रसार से जुड़ी चिंताओं के कारण नियामकीय जांच के घेरे में आया है। सरकार ने टेलीग्राम और उससे जुड़ी वेब सेवाओं पर 22 जून तक एक सप्ताह का प्रतिबंध लगाया था।
वस्तुतः सरकार ने यह कदम लीक हुए मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) के पेपर, गुमराह करने वाली सामग्री और मेडिकल प्रवेश परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी अन्य धोखाधड़ी वाली गतिविधियों के प्रसार को रोकने में मंच के नाकाम रहने को देखते हुए उठाया। हालांकि, सरकार का प्रतिबंध हटने के बाद यह संदेश मंच भारत में फिर से चालू हो गया है।
