लखनऊ, 13 फरवरी। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत वाराणसी, अयोध्या, मेरठ और मिर्जापुर कोर्ट परिसरों में शुक्रवार को अपराह्न उस समय अफरातफरी मच गई, जब इन कोर्ट परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। इन सभी स्थानों पर मैसेज सरकारी ईमेल पर आया और मैसेज मिलते ही पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। फिलहाल पांचों कोर्ट परिसरों को पुलिस ने खाली कराया और कोर्ट की कार्यवाही रोक दी गई। वाराणसी में आनन-फानन में 3 हजार से अधिक वकील और 5 हजार वादकारियों ने कोर्ट छोड़ दिया। वहीं जिला जज कैंपस से बाहर आ गए।
पुलिस, डॉग स्क्वॉड और बम स्क्वॉड की टीमों जे कोर्ट परिसर की बरीकी से जांच की। हालांकि, जांच में कहीं भी कुछ नहीं मिला। गौरतलब है कि दो दिन पहले बिहार में अलग-अलग कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। हालांकि, किसी भी कोर्ट में कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला था।
अधिकतर मेल का पैटर्न एक जैसा
पुलिस के अनुसार अधिकतर मेल का पैटर्न एक जैसा है। वैसे, मेल किसने भेजा और कहां से आया, इसका पता नहीं चल पाया है। पुलिस जांच कर रही कि एक साथ मेल क्यों भेजे गए। इसके पीछे कोई साजिश क्या है। सूत्रों के अनुसार पूरे मामले पर लखनऊ के बड़े अफसर नजर रख रहे हैं। साइबर सेल और सुरक्षा एजेंसियां भी जांच में जुट गई हैं।
2007 में वाराणसी कोर्ट में हुआ था विस्फोट
उल्लेखनीय है कि 23 नवम्बर, 2007 को वाराणसी कोर्ट में बम विस्फोट हुआ था। इसमें तीन वकीलों समेत नौ लोगों की मौत हुई थी और 50 लोग घायल हुए थे। यही कारण है कि धमकी को पुलिस ने बेहद गंभीरता से लिया, इसलिए बम और डॉग स्क्वॉड के साथ एटीएस और एसटीएफ को भी बुलाया गया।
एडिशनल सीपी शिवहरी मीणा ने बताया कि वाराणसी कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी के बाद जांच जारी थी। 3 घंटे तलाशी के बाद पूरी कचहरी का कोना-कोना खंगाला गया। तलाशी पूरी हुई और कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। मेल और अन्य गतिविधियों की जांच कराई जा रही है।
लखनऊ कोर्ट में रोकी गई एंट्री
इघर लखनऊ कोर्ट में वकीलों के अलावा अन्य लोगों की एंट्री रोक दी गई। यहां सर्च अभियान चलाया गया। बनारस कचहरी के बाद लखनऊ कोर्ट परिसर में बम होने की सूचना मिलने से अफरा-तफरी मच गई। मेल के माध्यम से मिली धमकी के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया। डीसीपी पश्चिम के नेतृत्व में भारी पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। एहतियातन कोर्ट परिसर की घेराबंदी कर जांच शुरू की गई। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की टीमें पूरे परिसर की जांच में जुट गईं। कोर्ट परिसर के अंदर और बाहर आने-जाने वाले सभी रास्तों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही थी और संदिग्ध वस्तुओं की बारीकी से जांच की गई।

