काबुल 21 जुलाई। पूर्वी अफगानिस्तान के नूरिस्तान प्रांत में सोमवार को भारी बारिश के बाद आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई, करीब 80 लोग घायल हुए हैं, जबकि 100 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है।
अफगानिस्तान की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के प्रवक्ता यूसुफ हम्मद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया कि बाढ़ से नूरिस्तान में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है। प्रांतीय आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंच चुकी हैं और मृतकों के शव निकालने, घायलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआती सर्वे और नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद ही मृतकों और संपत्ति के नुकसान के आधिकारिक आंकड़े जारी किए जाएंगे। अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
पारून शहर सबसे ज्यादा प्रभावित
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, नूरिस्तान की राजधानी पारून बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हुई है। यहां कई मकान, सड़कें और अन्य बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा है। लगातार बारिश के कारण बचाव कार्य में भी मुश्किलें आ रही हैं। इससे पहले 9 जून को अफगान अधिकारियों ने जानकारी दी थी कि पिछले 10 सप्ताह में अचानक आई बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण देशभर में 301 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 385 लोग घायल हुए हैं।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार:
1- लगभग 2,000 घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं।
2- 7,187 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
3- 580 किलोमीटर सड़कें बह गई हैं।
4- 30,300 एकड़ से अधिक कृषि भूमि और फसलें नष्ट हो गई हैं।
5- 18,812 परिवार इन प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित हुए हैं।

