अहमदाबाद, 22 जनवरी 2026: भारत की प्रमुख एनर्जी ट्रांज़िशन कंपनी अदाणी टोटल गैस (एटीजीएल) देश के ऊर्जा क्षेत्र को बदलने के अपने मिशन को मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के ज़रिए आगे बढ़ा रही है। आज एटीजीएल ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही और नौ महीनों के लिए अपने ऑपरेशनल, इंफ्रास्ट्रक्चर और वित्तीय प्रदर्शन की जानकारी साझा की।
एटीजीएल के सीईओ एवं ईडी सुरेश पी. मंगलानी ने कहा, “टीम एटीजीएल ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए इस तिमाही में वॉल्यूम, राजस्व और एबिटडा में दो अंकों की वृद्धि हासिल की है। एपीएम गैस की लगातार कम उपलब्धता और हेनरी हब से जुड़ी आरएलएनजी की ऊँची कीमतों के बावजूद, हमारी विविध गैस सोर्सिंग रणनीति ने गैस मिश्रण को बेहतर तरीके से संभालने में मदद की और सभी ग्राहकों को पीएनजी और सीएनजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की। साथ ही, हमारी ई-मोबिलिटी टीम ने भी बेहतरीन नतीजे दिए हैं। अब तक लगाए गए चार्ज पॉइंट्स की संख्या लगभग 5000 तक पहुँच गई है, जिनकी कुल क्षमता 51 मेगावॉट है।”
“अनुकूल नियामकीय बदलाव, जिनमें गुजरात के बाहर भेजी जाने वाली प्राकृतिक गैस पर कर में प्रभावी कमी और नई व सरल ज़ोनल ट्रांसमिशन टैरिफ व्यवस्था शामिल है, सीजीडी कंपनियों को अपनी लागत संरचना मजबूत करने और अधिक किफायती मूल्य व्यवस्था बनाने में मदद करेंगे। सीएनजी के लिए एपीएम आवंटन में लगातार हो रहे बदलावों के बीच, हमारा संतुलित पोर्टफोलियो हमें लागत दबावों को जिम्मेदारी से संभालते हुए ग्राहकों के लिए किफायती दरें बनाए रखने में सक्षम बनाता है।”
“सस्टेनेबिलिटी के मोर्चे पर, एटीजीएल ने ईएसजी रेटिंग्स में दोहरी बढ़त हासिल की है। एसएंडपी डॉव जोन्स सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स में हमारा स्कोर बढ़कर 72 हो गया है, जिससे गैस यूटिलिटी सेक्टर में एटीजीएल की वैश्विक रैंकिंग 9वें स्थान पर पहुँच गई है। वहीं, सीडीपी रेटिंग भी सुधरकर ‘ए’ हो गई है। यह जिम्मेदार ऊर्जा परिवर्तन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दोहराता है।”
उन्होंने कहा, “मजबूत सोर्सिंग पोर्टफोलियो, निरंतर डिजिटलीकरण, परिचालन उत्कृष्टता, हमारे भौगोलिक क्षेत्रों में बढ़ते नेटवर्क और ईवी चार्ज पॉइंट्स में हो रही निरंतर वृद्धि के साथ, एटीजीएल अपने सभी हितधारकों के लिए सतत विकास और दीर्घकालिक मूल्य सृजन के लिए रणनीतिक रूप से बेहतर स्थिति में है।”
स्वतंत्र परिचालन एवं इन्फ्रास्चर की मुख्य विशेषताएं:
| परिचालन प्रदर्शन | |||||||
| विवरण | यूओएम |
9
महीने वित्त वर्ष 26
|
9 महीने वित्तीय वर्ष 25 |
% परिवर्तन वर्ष-दर-वर्ष |
तीसरी तिमाही वित्त वर्ष 2026 |
तीसरी तिमाही वित्त वर्ष 2025 |
वार्षिक आधार पर प्रतिशत परिवर्तन |
बिक्री की मात्रा |
एमएमएससीएम |
836 | 730 | 14% | 289 | 257 | 12% |
| सीएनजी बिक्री | एमएमएससीएम | 576 | 486 | 18% | 200 | 171 | 17% |
| पीएनजी बिक्री | एमएमएससीएम | 260 | 244 | 7% | 89 | 86 | 3% |
| इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदर्शन | ||||
| विवरण | यूओएम |
31 दिसंबर 2025 की स्थिति के अनुसार |
9एम अतिरिक्त
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क्यू3 अतिरिक्त
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| सीएनजी स्टेशन | संख्या | 680 | 33 | 18 |
| एमएसएन (आईके) | संख्या | 14,862 | 1090 | 338 |
| घरेलू-पीएनजी | संख्या | 10,50,165 | 87,497 | 34,210 |
| वाणिज्यिक-पीएनजी | संख्या | 6,714 | 373 | 127 |
| औद्योगिक-पीएनजी | संख्या | 3,037 | 79 | 21 |
परिचालन पर टिप्पणी- वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही
- सीएनजी वॉल्यूम में सालाना 17% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण कई भौगोलिक क्षेत्रों (जीए) में सीएनजी नेटवर्क का विस्तार रहा
- अब तक 5 लाख से अधिक घरों को पाइप्ड नेचुरल गैस से जोड़ा जा चुका है
- नए पीएनजी कनेक्शन जुड़ने से पीएनजी वॉल्यूम में सालाना 3% की बढ़त दर्ज की गई
- कुल वॉल्यूम में सालाना 12% की बढ़त दर्ज की गई
परिणामों पर टिप्पणी- वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही
| वित्तीय प्रदर्शन | |||||||
| विवरण |
यूओएम |
9 महीने
वित्त वर्ष 26 |
9 महीने
वित्तीय वर्ष 25 |
% परिवर्तन वर्ष-दर-वर्ष |
तीसरी तिमाही
वित्त वर्ष 2026
|
तीसरी तिमाही
वित्त वर्ष 2025
|
वार्षिक आधार पर प्रतिशत परिवर्तन
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| संचालन से राजस्व | आईएनआर करोड़ | 4692 | 3,950 | 19% | 1631 | 1397 | 17% |
| प्राकृतिक गैस की लागत | आईएनआर करोड़ | 3,334 | 2,666 | 25% | 1164 | 991 | 18% |
| सकल लाभ | आईएनआर करोड़ | 1,358 | 1,284 | 6% | 467 | 406 | 15% |
| ईबीआईटीडीए | आईएनआर करोड़ | 916 | 893 | 3% | 313 | 272 | 15% |
| टैक्स पूर्व लाभ | आईएनआर करोड़ | 649 | 670 | -3% | 212 | 193 | 10% |
| टैक्स के बाद लाभ | आईएनआर करोड़ | 481 | 499 | -4% | 157 | 143 | 10% |
परिणामों पर टिप्पणी- वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही
- अधिक वॉल्यूम के चलते परिचालन से होने वाले राजस्व में 17% की बढ़त दर्ज की गई
- सीएनजी सेगमेंट के लिए एपीएम गैस के कम आवंटन, एनडब्ल्यूजी और सर्दियों के कारण घरेलू उपभोक्ताओं से जुड़ी आर-एलएनजी की ऊँची कीमतों के चलते नेचुरल गैस की लागत में 18% की बढ़ोतरी हुई
- तिमाही के दौरान सीएनजी सेगमेंट के लिए एपीएम आवंटन मामूली रूप से घटकर लगभग 41% रहा, जो पिछली तिमाही में 42% था। शेष जरूरतें न्यू वेल गैस, मौजूदा अनुबंधों और स्पॉट खरीद के जरिए पूरी की गईं
- एटीजीएल ने बढ़ी हुई गैस लागत को उपभोक्ताओं तक पहुँचाने में संतुलित दृष्टिकोण अपनाया, ताकि वॉल्यूम वृद्धि पर असर न पड़े
- एबिट्डा सालाना 15% बढ़कर 313 करोड़ रुपए दर्ज किया गया
- पीबीटी और पीएटी दोनों में 10% की बढ़ोतरी हुई और ये क्रमशः 212 करोड़ रुपए और 157 करोड़ रुपए रहे
प्रमुख ईएसजी मुख्य बिंदु
- एटीजीएल का डीजीएसआई नेट ईएसजी स्कोर 62 से बढ़कर 72 हो गया, जिससे गैस यूटिलिटी सेक्टर में वैश्विक स्तर पर 9वाँ स्थान हासिल हुआ
- एटीजीएल की कार्बन डिस्क्लोजर प्रोजेक्ट रेटिंग ‘बी‘ में बढ़त के साथ यह ‘ए‘ हो गई, जो स्कोप-1 और स्कोप-2 उत्सर्जन प्रबंधन में सुधार का नतीजा है
- एटीजीएल को उदयपुर में आयोजित एपेक्स इंडिया सेफ्टी अवॉर्ड में सेफ्टी एक्सीलेंस के लिए गोल्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया गया

