रीवा, 15 दिसम्बर। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के अग्रणी नेता रहे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद राम विलास वेदांती का सोमवार को मध्य प्रदेश के रीवा स्थित एक अस्पताल में हृदयाघात के कारण निधन हो गया। रीवा के ही मूल निवासी 67 वर्षीय डॉ. वेदांती के निधन की खबर से अयोध्या, पूरे संत समुदाय और राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
गृहनगर रीवा के एक अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली
पिछले कुछ माह से बीमार चल रहे डॉ. रामविलास दास वेदांती रीवा जिले के दौरे पर थे। बुधवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बचाने के लिए लगातार प्रयास किए, लेकिन इलाज के दौरान निधन हो गया।
Former MP Dr Ram Vilas Das Vedanti, a prominent figure in the #RamTemple movement, has passed away at a hospital in #Rewa, #MadhyaPradesh.#RamVilasDasVedanti pic.twitter.com/3QE88uNjT9
— All India Radio News (@airnewsalerts) December 15, 2025
रीवा स्थित श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के अधीक्षक अक्षय श्रीवास्तव ने बताया कि वेदांती को रविवार सुबह अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भर्ती कराए जाने के वक्त डॉ. वेदांती को रक्त विषाक्तता (सेप्टीसीमिया) का संक्रमण था और यह बहुत ज्यादा फैल चुका था।
अस्पताल अधीक्षक के अनुसार डॉ. वेदांती का रक्तचाप बेहद कम हो गया था और किडनी ने भी काम करना बंद कर दिया था। रविवार रात उन्हें हृदयाघात आया और चिकित्सकों की टीम ने उपचार का हरसंभव प्रयास किया। इसके लिए वेंटिलेटर पर रखा गया। लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें नहीं बचाया जा सका।
वेदांती इन दिनों रीवा के भठवा (लालगांव) में कथा वाचन कर रहे थे
श्रीराम जन्मभूमि न्यास के कार्यकारी अध्यक्ष रहे वेदांती इन दिनों रीवा जिले के भठवा (लालगांव) में कथा वाचन कर रहे थे। चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि रविवार को हृदयाघात के बाद उन्हें एयर एंबुलेंस से भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ले जाने का प्रयास किया गया था, लेकिन खराब दृश्यता के कारण यह संभव नहीं हो सका।
राम विलास वेदांती का जन्म सात अक्टूबर, 1958 को रीवा जिले के गुढ़वा (गुढ़) में हुआ था। वह श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से लंबे समय तक जुड़े रहे और अयोध्या में रहकर आंदोलन का नेतृत्व किया। वह उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ और मछलीशहर लोकसभा क्षेत्रों से सांसद भी निर्वाचित हुए थे। वेदांती के शिष्य छोटे दास महाराज ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार अयोध्या में किया जाएगा।
श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख स्तंभ, पूर्व सांसद एवं श्री अयोध्या धाम स्थित वशिष्ठ आश्रम के पूज्य संत डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज का गोलोकगमन आध्यात्मिक जगत और सनातन संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!
उनका जाना एक युग का अवसान है। धर्म, समाज व…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 15, 2025
सीएम योगी बोले – उनका जाना आध्यात्मिक जगत और सनातन संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व भाजपा सांसद राम विलास दास वेदांती के निधन पर शोक व्यक्त किया है। सीएम ने एक्स पर लिखा, ‘श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख स्तंभ, पूर्व सांसद एवं श्री अयोध्या धाम स्थित वशिष्ठ आश्रम के पूज्य संत डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज का गोलोकगमन आध्यात्मिक जगत और सनातन संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! उनका जाना एक युग का अवसान है। धर्म, समाज व राष्ट्र की सेवा को समर्पित उनका त्यागमय जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा है। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान और शोक संतप्त शिष्यों एवं अनुयायियों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!’
डॉ. वेदांती एक सच्चे नायक थे – केशव प्रसाद मौर्य
वहीं उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, ‘यह कहना गलत नहीं होगा कि डॉ. राम विलास दास वेदांती एक सच्चे नायक थे, और हमने पूर्व सांसद के रूप में उनकी सेवा को देखा है। वे एक दृढ़ और साहसी नेता थे जिन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन पर मैं उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं… राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े कई संघर्षों में हम उनके साथ थे, और आज यह समाचार सुनकर हमें गहरा दुख और पीड़ा हुई है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें अपने चरणों में स्थान दें।’

