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साध्वी प्रेम बाईसा मौत मामले में 9 सदस्यीय एसआईटी का गठन, इंजेक्शन का एंगल जांच के दायरे में

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बाड़मेर, 31 जनवरी। साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के मामले में जोधपुर पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने पूरी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इस टीम का नेतृत्व एसीपी छवि शर्मा करेंगी। एक समाचार एजेंसी से बातचीत में पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने कहा कि 9 सदस्यों वाली एक एसआईटी बनाई गई है, जो सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है।

उन्होंने कहा, “फिलहाल हमने उनसे जुड़े लोगों के बयान लेना शुरू कर दिया है।” प्रेम बाईसा की मौत से कुछ सेकंड पहले दिए गए इंजेक्शन के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि सभी एंगल से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस स्टेज पर किसी बड़ी साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। फिलहाल, टीमें साध्वी प्रेम बाईसा की मौत से पहले के कुछ घंटों की जानकारी जुटा रही हैं, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, आश्रम के सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल इनपुट को खंगाला जा रहा है।

जांच का एक अहम पहलू उनकी मौत से कुछ समय पहले कथित तौर पर दिए गए एक इंजेक्शन के इर्द-गिर्द घूमता है। पुलिस ने कंपाउंडर देवी सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की है, जिसने कथित तौर पर इंजेक्शन लगाया था। अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इंजेक्शन डॉक्टर की सलाह पर दिया गया था, कौन सी दवा इस्तेमाल की गई थी और क्या इसका मौत में कोई रोल था।

पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे मौत के सही कारण और समय के बारे में साफ जानकारी मिलने की उम्मीद है।
बताया जाता है कि एसआईटी अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए साध्वी प्रेम बाईसा के पिता और जोधपुर के पाल रोड पर साधना कुटीर आश्रम से जुड़े सदस्यों से भी पूछताछ करेगी। मूल रूप से बालोतरा के पारेऊ गांव की रहने वाली प्रेम बाईसा बालोतरा को दो साल की उम्र में अपनी मां को खोने के बाद शुरुआती मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

आध्यात्मिक गुरु संत राजाराम और संत कृपाराम महाराज के मार्गदर्शन में उन्होंने भागवत कथा और भक्ति गायन में महारत हासिल की और आखिरकार पूरे राज्य में पहचान बनाई। उनके आश्रम साधना कुटीर का उद्घाटन योग गुरु बाबा रामदेव समेत कई जानी-मानी हस्तियों ने किया था। हालांकि, साध्वी प्रेम बाईसा की मौत ने पूरे राजस्थान में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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