नई दिल्ली, 27 मई। भारत सरकार के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग ने एमवी हार्बर फिनिक्स में मौजूद 10 भारतीय नाविकों की सफल रिहाई का एलान किया है। ये नाविक जुलाई, 2025 में ईरान के जस्क पोर्ट के पास जहाज रोके जाने के बाद हिरासत में लिए गए थे और बाद में उन्हें जेल भेज दिया गया था। ये भारतीय नाविक करीब 9-10 माह बाद रिहा हुए।
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग ने एक बयान जारी कर ‘कूटनीतिक प्रयासों के सफल’ होने की पुष्टि की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए गए बयान के अनुसार, सभी नाविक अब सुरक्षित हैं और जल्द ही उनकी भारत वापसी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जुलाई, 2025 में ईरान के जस्क पोर्ट के पास जहाज को रोके जाने के बाद इन भारतीय नाविकों को हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्हें जेल भेज दिया गया था, जिसके बाद उनके परिवार लगातार उनकी सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहे थे।
सरकार ने बताया कि विदेश मंत्रालय, पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय, तेहरान स्थित भारतीय दूतावास, जहाज प्रबंधन कंपनी और अन्य संबंधित एजेंसियों ने मिलकर लगातार कूटनीतिक प्रयास किए। इन्हीं कोशिशों का नतीजा है कि सभी नाविकों की सुरक्षित रिहाई संभव हो सकी।
Successful Release of 10 Indian Seafarers in MV Harbour Phoenix Case
The Directorate General of Shipping, Government of India, is pleased to announce the successful release of all 10 Indian seafarers associated with MV Harbour Phoenix, who were detained, arrested and imprisoned… pic.twitter.com/EzrEe81KXh
— Directorate General of Shipping, Govt. of India (@dgshipping_IN) May 26, 2026
फिलहाल सभी नाविक सुरक्षित हैं और उन्हें एक-दूसरे से मिलवा दिया गया है। अब उन्हें जल्द से जल्द भारत वापस लाने की तैयारियां की जा रही हैं। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग ने कहा कि दुनिया के किसी भी हिस्से में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा और कल्याण सरकार की प्राथमिकता है।
शिप ट्रैकिंग वेबसाइट्स के अनुसार एमवी हार्बर फिनिक्स, ‘पलाऊ’ के झंडे वाला एक ऑयल टैंकर है। इस पूरे मामले में भारत सरकार ने सार्वजनिक बयानबाजी से बचते हुए शांत कूटनीतिक रणनीति अपनाई। माना जा रहा है कि इसी संयमित बातचीत और लगातार राजनयिक प्रयासों के जरिए नाविकों की रिहाई का रास्ता आसान हो पाया।

